दो वर्षीय मोशे होल्ट्जबर्ग की 2008 में हुए मुंबई बम धमाके में जान बचाने वाली दाई सैंड्रा सामुएल का कहना है की उन्हें अफसोस है कि 10 साल बाद भी छाबड हाउस पर हुए हमले के जख्म भरे नहीं हैं।
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» 26/11 हमले में बेबी मोशे की जान बचाने वाली दाई नरीमन हाउस से साफ कराना चाहती हैं हमले के निशान
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